अगर आप UP Board 10वीं या 12वीं के छात्र हैं और आपको लगता है कि आपके प्राप्त अंक आपकी मेहनत के अनुसार नहीं आए हैं, तो Scrutiny आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि स्क्रूटिनी क्या होती है, इसकी प्रक्रिया क्या है, फॉर्म कैसे भरें, फीस कितनी लगती है, अंतिम तिथि क्या होती है और कौन-कौन छात्र आवेदन कर सकते हैं।
स्क्रूटिनी का अर्थ है उत्तर पुस्तिका की दोबारा तकनीकी जाँच। इसमें पूरी कॉपी को दोबारा मूल्यांकन नहीं किया जाता, बल्कि निम्न बातों की जाँच की जाती है:
ध्यान दें कि इसमें आपके उत्तर की गुणवत्ता के आधार पर नए अंक नहीं दिए जाते। यह केवल गणना और प्रविष्टि की जाँच होती है।
| कक्षा | पात्र छात्र |
|---|---|
| 10वीं (High School) | वे सभी छात्र जिन्होंने परीक्षा दी है |
| 12वीं (Intermediate) | वे सभी छात्र जिन्होंने परीक्षा दी है |
स्क्रूटिनी की फीस प्रति विषय ली जाती है।
| विवरण | संभावित शुल्क |
|---|---|
| प्रति विषय स्क्रूटिनी | ₹500 (लगभग) |
सटीक शुल्क की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी जाती है।
सबसे पहले छात्र अपने परिणाम का विश्लेषण करता है। यदि उसे लगता है कि अंक कम हैं या गणना में गलती है, तो वह स्क्रूटिनी फॉर्म भरता है। आवेदन जमा होने के बाद बोर्ड द्वारा कॉपी की तकनीकी जाँच की जाती है। यदि कोई त्रुटि मिलती है तो अंक संशोधित किए जाते हैं।
स्क्रूटिनी के बाद जो अंक मिलते हैं वही अंतिम और मान्य माने जाते हैं।
UP Board Scrutiny 2026 उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और अंकों की गणना संबंधी त्रुटियों को सुधारने का मौका देती है। आवेदन करने से पहले अपने विषयों का सही विश्लेषण करें और निर्धारित समय सीमा के अंदर फॉर्म भरें।